15 प्रमुख बालोद पर्यटन स्थल | Balod me Ghumne ki Jagah

छत्तीसगढ़ में स्थित बालोद एक प्रमुख जिला होने के साथ ही एक छोटा सा शहर है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता एवं ऐतिहासिक महत्व और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है। यह जिला अपने धान, गन्ना और सोयाबीन की खेती के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में प्रसिद्ध है। जिसमे हम आपको यहाँ balod me ghumne ki jagah के बारे में बतायेंगे, ताकि जब भी आप बालोद छत्तीसगढ़ आए तो यहाँ के प्राचीन मंदिर, झीलें, पहाड़ और जंगलों के बारे में जन सके। जहाँ आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ जाकर एक खुबसुरत पल बिता सकते है।

यदि आप आर्टिकल पढ़ने में रूचि नही रखते तो हमने आपके लिए नीचे Video बनाई है जिसे आप इस पोस्ट के नीचे जाकर देख सकते है। हमे आशा है की हमारी यह जानकारी आपको पसंद आएगी।

बालोद में घूमने की जगह | Balod me Ghumne ki Jagah

छत्तीसगढ़ में स्थित बालोद छत्तीसगढ़ का एक खूबसूरत जिला है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए पुरे छत्तीसगढ़ में जाना जाता है। यहाँ आने वाले लोगों तथा पर्यटकों के लिए बालोद में घूमने और देखने के लिए कई जगहें हैं, जिनमें प्राचीन मंदिर, पिकनिक स्पॉट, जलाशय, मनमोहक झीलें, घने जंगल और शांत वातावरण आपकी प्रतीक्षा में हैं।

1. त्रयंबकेश्वर धाम ओनाकोना 

Trimbakeshwar Dham Onakona

त्रयंबकेश्वर धाम ओनाकोना बालोद जिले में स्थित , बालोद जिले से लगभग 40 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है.यह स्थान यह के स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों के लिए एक अनोखा आकर्षण बना हुआ है। यह त्रयंबकेश्वर धाम ओनाकोना गंगरेल बांध के डूबान क्षेत्र में स्थित है, जो इसे यहाँ के स्थानीय लोगों के लिए एक समुद्री नज़ारा प्रदान करता है। बालोद आने के बाद त्रयंबकेश्वर धाम में आपको प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जो आपके मन प्रसन्नित करने के साथ साथ को मोह लेगा। 

बालोद पर्यटन स्थल का  यह ओनाकोना त्रयंबकेश्वर धाम केवल धार्मिक महत्व ही नही रखता बल्कि पर्यटन महत्व का भी बहुत से नज़ारा प्रस्तुत करता है। यहाँ आने वाले लोग झरनों के बीच अपने दोस्तों तथा परिवार के साथ मस्ती करते हैं और प्रकृति की गोद में सुकून का अनुभव करते हैं।

2. सियादेवी मंदिर

siyadevi temple photos

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के नारा गांव की हरी-भरी पहाड़ियों के ऊपर स्थित सियादेवी मंदिर बालोद जिले का एक प्रसिद्ध एवं प्राचीन मंदिर है। यह के स्थानीय लोगों के लिए भी यह स्थान एक धार्मिक तीर्थ स्थल के कम नही यह माता सीता को समर्पित है। साथ ही यह स्थान यहाँ के लोगों तथा पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षक स्थल है। बालोद  से सियादेवी मंदिर की दुरी लगभग 20 किलोमीटर है। जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण यहाँ के स्थानीय लोगों तथा दूर-दूर से भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करता है।

नारा गाँव की पहाड़ी की चोटी पर स्थित है यह सियादेवी मंदिर अपनी पहाड़ी की ऊंचाई से एक मनोरम दृश्य प्रदान करता है, जो पर्यटकों का मन को मोह लेता हैं। हरी-भरी घाटिया एवं यहाँ के शांत वातावरण और प्राचीन मंदिरें इसके पास बहने वाली झरना जिसे सियादेवी जलप्रपात कहते है, इस स्थान को एक प्राकृतिक खूबसूरती से भरी स्वर्ग बनाती हैं। बहुत से पर्यटक दूर दूर से यहाँ आकर प्रकृति का आनंद लेने के साथ-साथ मंदिर के गर्भ-गृह में स्थित माँ सीता के दर्शन भी करते हैं।

3. गंगा मैया मंदिर

Ganga Maiya Mandir Balod

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थित गंगा मैया मंदिर एक अद्भुत एवं प्राचीन मंदिर हैं। बालोद जिले से गंगा मैया मंदिर की दूरी लगभग 3 किलोमीटर है। साथ ही यह मंदिर ग्राम झलमला के पास स्थित है। यह मंदिर अपनी अद्भुत शक्ति एवं अपनी भव्य वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। यह गंगा मैया मंदिर बालोद ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के अलावा देश-विदेश में भी अति प्रसिद्ध एवं प्रचलित है। जिसके दर्शन करने के लिए श्रद्धालु भक्त दूर-दूर से बालोद छत्तीसगढ़ आते हैं।

मंदिर के गर्भगृह में विराजमान माता गंगा मैया अपनी असीम कृपा एवं अद्भुत चमत्कार के लिए जानी जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि माता के इस अद्भुत चमत्कार के कारण यहां आने वाले श्रद्धालु भक्तों की सच्ची मन से मांगी गई मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। जिसके कारण यहां प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ लगी रहती है।

4. गौरैया धाम चौरेल

Shree Gauraiya Dham Balod

छत्तीसगढ़ के छोटे से शहर बालोद में स्थित गौरैया धाम चौरेल यहां के स्थानीय लोगों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। बालोद से गौरैया धाम चौरेल की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है। यह पवित्र धाम अपनी धार्मिक महत्व, सांस्कृतिक समृद्धि तथा प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती हैं। इस तीर्थ स्थल को 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मंदिर प्रांगण में माता गौरी की मंदिर में स्थित है, जिसके अंदर मां दुर्गा विराजमान है। यहां के स्थानीय लोगों के अनुसार माँ गौरी यहां स्वयं ही प्रकट हुई थी तथा यहां भगवान शिव जी का एक प्राचीन मंदिर भी स्थित है।

यह पवित्र धाम सभी श्रद्धालु भक्तों एवं पर्यटकों के लिए प्रतिदिन खुला रहता है। यहां प्रतिवर्ष मांघी पूर्णिमा के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें दूर-दूर से बहुत से श्रद्धालु भक्त शामिल होते हैं। साथ ही मंदिर के पास स्थित तांदुला नदी में शाही स्नान भी किया जाता है। 

5. गोंदली डैम

Gondli Dam Balod

बालोद जिले में स्थित प्रकृति की खूबसूरती से सराबोर गोंदली डैम एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। बालोद जिले से गोंदली डैम की दूरी लगभग 10 किलोमीटर है। यह जलाशय अपनी प्राकृतिक सौंदर्य के कारण बरसात के समय बहुत से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। जलाशय के चारों तरफ घने जंगल एवं हरी भरी पहाड़ियां गोंदली डैम की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं।

गोंदली डैम अपनी शांत और मनोरम वातावरण के लिए जानी जाती हैं। जलाशय का पानी इतना स्वच्छ है कि जल में नीले आसमान का प्रतिबिंब स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। शांत झील में नाव की सवारी यहां आने वाले पर्यटकों को बहुत ही पसंद आती हैं। गोंदली जलाशय पर्यटन के लिए ही नहीं बल्कि सिंचाई निस्तार और मछली पालन के लिए भी अति महत्वपूर्ण है। जो आर्थिक विकास में बहुत योगदान साबित होता है।

6. भोला पठार

Bhola pathar balod

बालोद जिले की प्रकृति की गोद में बसा भोला पठार एक अद्भुत पर्यटन स्थल है। बालोद जिले से भोला पठार की दूरी लगभग 18 किलोमीटर है। जहां आप बड़ी आसानी से अपने निजी वाहन तथा सार्वजनिक वाहन द्वारा घूमने जा सकते हैं। यह स्थल स्थानीय लोगों के अनुसार एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल है जिसे कैलाश पर्वत भी कहा जाता है। बहुत से लोगों की यह मानता है कि यहां भगवान शिव जी ने तपस्या की थी, जिस कारण इस स्थल को विशेष महत्व दिया जाता है।

यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से काम नहीं, बालोद में घूमने की जगह ढूंढने वाले लोगों के लिए यह स्थान एक उचित विकल्प हो सकता है। यह पर्यटन स्थल ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित है, जहां चारों तरफ आपको हरी भरी पहाड़िया घने जंगल एक अलग ही सुकून प्रदान करते हैं। यहां आप अपने पूरे परिवार तथा दोस्तों के साथ आकर प्रकृति की शांत वातावरण का अनुभव तथा भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैं।

7. तांदुला बांध

Tandula Dam Balod

तांदुला बांध बालोद जिले में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत जलाशय है। बालोद जिले से तांदुला बांध की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है। जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती एवं शांत वातावरण वाली झील के कारण पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां आपको दो जलाशय देखने को मिलते हैं जिसमें पहले तांदुला जलाशय तथा दूसरा सुखा जलाशय हैं। यह दोनों जलाशय अपनी शांत झील एवं हरी भरी वनस्पतियों के लिए प्रसिद्ध है।

तांदुला बांध का निर्माण 1912 के आसपास सिंचाई के लिए किया गया था। सिंचाई के अलावा यह जलाशय दुर्ग जिले में पीने का पानी भी उपलब्ध कराता है। 1912 में निर्मित होने के कारण यह बांध ऐतिहासिक महत्व भी रखता है, क्योंकि इस बांध का निर्माण ब्रिटिश शासन काल में किया गया था।

8. चितवा डोंगरी

Chitwa Dongri Cave Balod

चितवा डोंगरी बालोद जिले में स्थित प्राकृतिक सुंदरता वाली एक धार्मिक स्थल हैं। बालोद जिले से चितवा डोंगरी की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है, जो एक मनमोहक पर्यटन स्थल है। यह आपको बहुत से प्राचीन मंदिर देखने को मिलते हैं जिसमें भगवान शिव का मंदिर मुख्य है। यह स्थल एक सिद्ध क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है। जिसके कारण दूर-दूर से बहुत से पर्यटक स्थल में घूमने के लिए आते हैं।

पहाड़ी की चोटी पर स्थित चितवन डोंगरी में आपको बहुत से प्राकृतिक गुफाएं देखने को मिलेगी इसके अंदर शिवलिंग की प्रतिमा बनी हुई है। पहाड़ के ऊपर चढ़ाई करने के बाद इन प्राकृतिक गुफाओं को देखने के बाद आपकी सारी थकान मिट जाती हैं। चारों तरफ फैली हरियाली एवं शांत वातावरण या आने वाले पर्यटकों का मनमोहन लेती है।

9. खरखरा बांध

Kharkhara Dam Balod

खरखरा बांध बालोद जिले में स्थित एक प्रमुख जलाशय है जहां प्रतिवर्ष सैकड़ो पर्यटक इसकी प्राकृतिक सुंदरता एवं खूबसूरत शांत झील में सवारी के लिए आते हैं। बालोद से खरखरा बांध की दूरी लगभग 45 किलोमीटर है, जहां आप बड़ी आसानी से निम्न यात्रा के साधन द्वारा पहुंच सकते हैं। यह जलाशय चारों तरफ से घिरे घने जंगलों एवं ऊंचे पहाड़ियों के बीच स्थित है।

जलाशय के पास बनने वाला जलप्रपात इसकी सुंदरता में चार चांद लगाते हैं, जब जलाशय का पानी अपने स्तर से अधिक भर जाता है। यहां आने वाले बहुत से पर्यटक शांत जलाशय में बोटिंग मछली पकड़ने और पक्षीयों का मधुर संगीत सुनते हैं तथा अपने पूरे परिवार तथा दोस्तों के साथ पिकनिक का आनंद उठाते हैं।

10. देव बावली मंदिर

Dev Baoli Temple Balod

देव बावली मंदिर बालोद जिले में स्थित एक प्रमुख तीर्थ स्थल है। जो यहां के स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी आस्था का केंद्र है। यह मंदिर प्राकृतिक खूबसूरतीयों से घिरा हुआ है यहां चारों ओर आपको घने जंगल और सुंदर जिले देखने को मिलती हैं। बालोद जिले से देव बावली मंदिर की दूरी लगभग 42 किलोमीटर है। मंदिर के आसपास आपको बहुत से अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां देखने को मिल जाती हैं जिसके आप यहां आने के बाद दर्शन कर सकते हैं।

यह स्थान धार्मिक आस्था एवं अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जानी जाती हैं। मंदिर के पास स्थित शांति झील में यहां आने वाले पर्यटक प्रकृति की सुंदर नजारे का लुफ्त उठाते हैं। बहुत से पर्यटक यहां आने के बाद पिकनिक का आनंद भी उठाते हैं। इसलिए यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए बालोद में घूमने की जगह खोजने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन जाता है।

11. मटियामोती बांध 

Matiyamoti Dam Balod

मटियामोती बांध बालोद जिले में स्थित एक खूबसूरत जलाशय है, जो बालोद जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह स्थल प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग से कम नहीं। जहां दूर-दूर से बहुत से पर्यटक शांति और पिकनिक मनाने के लिए आते हैं। जलाशय के तार चारों तरफ ऊंची ऊंची पहाड़ियां एवं घने जंगल जलाशय की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं।

बांध कि शांत झील में यहां आने वाले पर्यटक नौका विहार का आनंद उठाते हैं। यह बांध सिंचाई के लिए निर्मित किया गया था जिससे किसानों को पानी की समस्या देखी ना पड़े। लेकिन प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह स्थल दूर-दूर से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

12. किल्लेवाली माता मंदिर

Kille Wali Mata Temple

बालोद जिले में स्थित किल्लेवाली माता मंदिर एक प्रसिद्ध महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। बालोद जिले से किल्लेवाली माता मंदिर की दूरी लगभग 34 किलोमीटर है तथा दल्लीराजहरा से लगभग 12 किलोमीटर है। यह धार्मिक स्थल यहां के स्थानीय लोगों के लिए एक आस्था का केंद्र बना हुआ है। जिसके कारण प्रतिदिन यहां सैकड़ो पर श्रद्धालु भक्त महादेवी के दर्शन करने के लिए आते हैं।

यह मंदिर पहाड़ी की छोटी पर स्थित होने के कारण एक प्राकृतिक नजारा प्रस्तुत करता है जिसके कारण बहुत से पर्यटक यहां आने के बाद पिकनिक जैसी गतिविधियां करते हैं। पहाड़ी के ऊपर से बांध का नजारा यहां आने वाले पर्यटकों को एक अद्भुत सुकून प्रदान करता है। तथा मंदिर के अंदर विराजमान मां किल्लेवाली के दर्शन कर भक्ति धन्य हो जाते हैं।

13. जलेश्वर महादेव मंदिर 

Jaleshwar Mahadev Temple Balod

जलेश्वर महादेव मंदिर बालोद जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण प्राचीन तीर्थ स्थल है। बालोद जिले से जलेश्वर महादेव मंदिर की दूरी लगभग 3 किलोमीटर है, जहां प्रतिदिन सैकड़ो भक्त भगवान शिव जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां आपको एक बड़े झील के बीच में एक विशाल शिवलिंग देखने को मिलता है। जिसके दर्शन करने के लिए भक्तों की कतार लगी रहती हैं।

चारों तरफ प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ यह स्थल यहां के स्थानीय लोगों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल बन जाता है। लोगों की मान्यता है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से महादेव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। जिसके कारण महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां भारी भीड़ देखी जाती हैं। यह स्थान बालोद में घूमने की जगह ढूंढने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है यह आपको एक बार अवश्य आना चाहिए। 

14. कपिलेश्वर मंदिर समूह

Kapileshwar Temple Group Balod

कपिलेश्वर मंदिर समूह बालोद जिले में स्थित एक प्राचीन एवं भव्य धार्मिक स्थल हैं। बालोद जिले से कपिलेश्वर मंदिर समूह की दूरी लगभग 3 किलोमीटर है। इस मंदिर का निर्माण 11वीं से 15वीं शताब्दी के बीच का बताया जाता है जिसे नवांश के शासको द्वारा निर्मित कराया गया था। इस मंदिर की वास्तुकला एवं शिल्पकला बहुत ही अद्भुत है। जिसके कारण इस मंदिर को देखने के लिए प्रतिदिन सैकड़ो पर्यटक दूर-दूर से आते हैं।

मंदिर प्रांगण में आपके साथ मंदिरों का समूह देखने को मिलता है जिस कारण इसे मंदिर समूह कहते हैं। मुख्य मंदिर भगवान शिव मंदिर के अलावा यहां आपको श्री गणेश मंदिर, दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर, राम जानकी मंदिर, श्री राधा कृष्ण मंदिर जैसे बहुत से छोटे-बड़े मंदिर देखने को मिलते हैं। 

15. श्री पाटेश्वर धाम

Pateshwar Dham balod

श्री पाटेश्वर धाम बालोद जिले में स्थित एक धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। बालोद जिले से पाटेश्वर धाम की दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। यह मंदिर अपनी भव्य वास्तु कला एवं शिल्पकला के लिए जानी जाती हैं। मंदिर का मुख्य आकर्षण 108 फीट ऊंचा मंदिर है जो लाल पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में काले ग्रेनाइट पत्थर से बनी भगवान शिव जी की प्रतिमा स्थापित है।

मंदिर के अंदर आपको बहुत से देवी देवताओं के छोटे-बड़े मंदिर देखने को मिलते हैं जिसके दर्शन आप यहां आने की बात कर सकते हैं। मंदिर प्रांगण के पास एक कुंड स्थित है जिसे गंगा कुंड कहा जाता है। श्री पाटेश्वर धाम में आपको भगवान शिव के अद्भुत शक्ति का अनुभव देखने को मिलेगा। जिसके कारण दूर-दूर से यहां श्रद्धालु भक्त एवं पर्यटक प्रतिदिन आते हैं। 

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15 शानदार बालोद में घुमने लायक जगह

इस पोस्ट में हमने आपको छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख जिला balod me ghumne ki jagah के बारे में बताया है। जहां आप अपने पूरे परिवार और दोस्तों के साथ जाकर एक बेहतरीन फल व्यतीत कर सकते हैं। मैं आशा करता हूं कि मेरे द्वारा बताए गए इन जगह पर जाकर आपको पर्यटन का आनंद आया होगा। 

यदि हां तो कमेंट में हमें अपना अनुभव Shere करना ना भूले। धन्यवाद! आपका दिन शुभ हो। 

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