क्रूरता से चल रहा हसदेव जंगल कटाई | hasdeo forest cutting

छत्तीसगढ़ में अभी चल रहा एक ठोस मुद्दा, जिसमे विशाल घने जंगल की प्राकृतिक धरोहरों को कुचला जा रहा है। हम बात कर रहे है, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित हसदेव अभयारण्य की जो प्रदेश के सबसे बड़े घने जंगलो में से एक है। हसदेव अभयारण्य 1700 वर्ग किलोमीटर तक फैला एक विशाल घना जंगल है। जिसे कोयले खनन के लिए बड़ी क्रूरता से काटा जा रहा है, जंगल में स्थित 167 प्रकार की वनस्पतियां, 82 प्रकार के पक्षियों की प्रजातियाँ तथा बहुत से जंगली जीव, hasdeo forest cutting से विलुप्त हो जायेंगी।

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हसदेव अरण्य छत्तीसगढ़ में स्थित एक विशाल घना जंगल है, जहां आपको प्रकृति के बहुत से वनस्पतियां तथा जंगली जानवर देखने को मिलते है। यह हसदेव अरण्य छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित है, जिसकी जंगली क्षेत्र 1700 वर्ग किलोमीटर है। चलिए अब हम आपको hasdeo forest cutting के असली मुद्दे के बारे में बताते है।

Hasdeo Forest Cutting in Hindi | हसदेव जंगल कटाई

छत्तीसगढ़ में अभी चल रहा एक ठोस मुद्दा, जिसमे विशाल घने जंगल की प्राकृतिक धरोहरों को कुचला जा रहा है। हम बात कर रहे है, छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित हसदेव अभयारण्य की जो प्रदेश के सबसे बड़े घने जंगलो में से एक है। हसदेव अभयारण्य 1700 वर्ग किलोमीटर तक फैला एक विशाल घना जंगल है। जिसे कोयले खनन के लिए बड़ी क्रूरता से काटा जा रहा है, जंगल में स्थित 167 प्रकार की वनस्पतियां, 82 प्रकार के पक्षियों की प्रजातियाँ तथा बहुत से जंगली जीव, hasdeo forest cutting से विलुप्त हो जायेंगी।

hasdeo forest cutting

इस जंगली क्षेत्र को प्रदेश के बड़े हाथियों का परिचालन क्षेत्र भी कहते है, जंगल में रहने वाले मूल निवासी जंगल की कटाई के विरूद्ध है। वह जंगल के उन सभी जीव-जंतुओं को बचाना चाहते है जिनका एकमात्र निवास हसदेव अभयारण्य है, असली मुद्दा तो यह है, की शासन ने हसदेव के घने जंगलो के नीचे 24 कोयला खनन जगह चिन्हित किये है, जिससे कोयले की आपूर्ति हो सके। लेकिन शासन ने यह नही सोचा की, खनन में प्रकृति का क्या होगा, जिसके चलते ही प्रदेश में हसदेव के घने जंगल को बचाने के लिए वहां के मूल निवासियों के साथ लोग भी प्रदर्शन करने लगे, तथा शासन ने इसके चलते बहुत से लोगों को जेल में डाला, हसदेव अभयारण्य को बचाने के लिए बड़े-बड़े नेताओ ने अपने पक्ष रखे, जिसमे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहाँ, हसदेव के जंगलो को काटने का आदेश कांग्रेस सरकार के द्वारा दिया गया था। जिसके कारन ही जंगल काटा जा रहा है, हसदेव अभयारण्य के घने जंगल छत्तीसगढ़ ही नही अपने पड़ोसी राज्य उड़िसा, मध्यप्रदेश, झारखंड जैसे राज्यों को प्रभावित करते है। 

save hasdeo forest

यहाँ निवासित आदिवासीयों द्वारा जंगल को बचाने के लिए चिपको आन्दोलन, तथा कई रैलिया, धर्ना प्रदर्शन किये गये, लेकिन सरकार इसपर ध्यान नही दे रही है, लेकिन हमे इस मुद्दे को केंद्र सरकार के पास भेजना होगा। जिससे hasdeo forest cutting पर रोक लगायी जा सके, इसलिए हमे सभी प्रकार से सभी श्रोतो से लोगों को जागरूक करना होगा ताकि हसदेव अभयारण्य बच सके।

साथ ही आप सभी से यह आग्रह है कि हसदेव के जंगलों की कटाई को रोकने के लिए सभी सोशल मीडिया पर save hasdeo forest लिखकर इसकी जानकारी सभी को दें, ताकि अन्य सभी लोग भी hasdeo forest cutting के बारे में जान सके तथा जंगल की कटाई के विरुद्ध अपना सहयोग दे सके। #savehasdeo

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